अदम गोंडवी साहब की रचना
आइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप कोमैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको
जिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब कर
मर गई फुलिया बिचारी कि कुएँ में डूब कर
है सधी सिर पर बिनौली कंडियों की टोकरी
आ रही है सामने से हरखुआ की छोकरी
चल रही है छंद के आयाम को देती दिशा
मैं इसे कहता हूं सरजूपार की मोनालिसा
कैसी यह भयभीत है हिरनी-सी घबराई हुई
लग रही जैसे कली बेला की कुम्हलाई हुई
कल को यह वाचाल थी पर आज कैसी मौन है
जानते हो इसकी ख़ामोशी का कारण कौन है
रविवार, मई 03, 2026
मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको
शीर्षक
अदम गोंडवी,
उत्तर प्रदेश,
गोंडा,
शरद कोकास,
sharad kokas
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मित्रों अदम गोंडवी हमारे जमाने के बड़े मशहूर शायर रहे हैं और उनका बहुत नाम है उनके कितने ही शेर बड़े मशहूर हैं काजू भुनी प्लेट में व्हिस्की गिलास में उतरा है रामराज विधायक निवास में यह तो सबको याद होगा उनकी यह मशहूर रचना है
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