रविवार, अप्रैल 03, 2011

नवरात्र कविता उत्सव २०११

इस बार की थीम - भारतीय कवयित्रियों की अंग्रेजी कविताओं के हिंदी अनुवाद

सिद्धेश्वर सिंह और शरद कोकास काम में व्यस्त
 कल दिनांक ४ अप्रेल से चैत्र का नवरात्र प्रारंभ  हो रहा है . पिछले नवरात्र के समय श्री सिद्धेश्वर सिंह जी ने और मैंने मिलकर यह तय किया था की इस नवरात्र में भारतीय कवयित्रियों की अंग्रेजी कविताओं के हिंदी अनुवाद प्रस्तुत किये जायेंगे . 

समय इतनी तेज़ गति से बीता की पता ही नहीं चला . मेरी भी व्यस्तताएं रहीं . अपनी लम्बी कविता ' पुरातत्ववेत्ता ' पर डॉ . विजया के लिखे समीक्षा ग्रन्थ के विमोचन में मुंबई का दौरा , फिर कविता संग्रह की तैयारी . फिर कुछ यहाँ वहां के काम . 

आज सिद्धेश्वर जी को फोन किया तो उन्होंने कहा .. शरद भाई देर तो हो गई  लेकिन कोशिश करता हूं.. और उन्होंने दोपहर तक तीन कवयित्रियों की कविताये भेज भी दी . 

मुझे तो लगा रहा था ..अपने आलस्य और गैरजिम्मेदारी  के चलते इस बार यह क्रम टूट जाएगा . सिद्धेश्वर जी से मैंने अपना यह भय प्रकट किया तो उन्होंने कहा ..." नहीं शरद भाई , कविताएं तो पोस्ट होंगी ही , इसलिए की ब्लॉग  जगत में अब अच्छी कविता के पाठको की संख्या में वृद्धि हुई है . बहरहाल सिद्धेश्वर जी ने भरोसा दिलाया है तो यह हिम्मत कर पा रहा हूँ . देखिये नौ दिन तक नौ कवितायें दे पाते है या नहीं .

कुछ मदद की गुजारिश आप लोगों से भी है , यदि आपको कहीं भारतीय भाषा की कवयित्रियों की अंग्रेजी कविताओं के अनुवाद मिले तो मुझे मेल करे .

तो चलिए कल मिलते है .. रानी जयचंद्रन की एक बेहद ख़ूबसूरत कविता के साथ .

इस नवरात्रि कविता उत्सव की जानकारी . मेल से , फोन से , एस एम एस से अपने मित्रों को भी दें . 

  आपका - शरद कोकास 




12 टिप्‍पणियां:

  1. स्‍वागत है भैया....पि‍छली बार केवल पचमी तक की ही पोस्‍ट नि‍त्‍य देख पाया था। बाकी पोस्‍ट दि‍वाली के बाद ही देख सका। (दरअसल पंचमी को 'आई' को हार्ट अटैक हुआ...नागपुर के श्रीकृष्‍णा हृदयालय से स्‍वास्‍थ्‍य-लाभ लेकर धनतेरस को 'आई'के साथ घर लौटा...'मॉं' ने 'मॉं' की रक्षा की...)....कल की प्रतीक्षा में....नव संवत्‍सर की हार्दि‍क शुभकामनाऍं...

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  2. बड़ा ही अच्छा प्रयास है। मेरी शुभकामनायें।

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  3. शरद कोकास जी!
    नवरात्र के अवसर पर आपका प्रयास सराहनीय है!
    --
    डॉ.सिद्धेशवर सिंह की सदाशयता और कार्य के प्रति समर्पण का तो मैं बहुत कायल हूँ!

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  4. नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनायें ।

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  5. उत्तम प्रयास में हम सब आपके साथ हैं. हर बार की तरह इस बार का सफर भी जबरदस्त रहेगा. जय माता दी.

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  6. हम तो इंतज़ार ही कर रहे हैं इस कविता-उत्सव का. अभी जा रहे हैं सबको खबर करने. मुंबई के कार्यक्रम के लिए बधाई भी.

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  7. नवरात्र और नवसंवतसर की हार्दिक शुभकामनाएं...

    जिस तरह घर में नवरात्र की तैयारी होती है, उसी तरह अब हर साल शरद भाई की ओर से नवरात्र को नए मायने देने का भी इंतज़ार रहता है...

    सिद्धेश्वर जी के समर्पण को भी नमन...

    जय हिंद...

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