बुधवार, अप्रैल 22, 2026

नासिर अहमद सिकंदर -विफल प्रेम की कविताएँ – -तीन

तीन


चांद कहाना
पसंद न था उसे

फूल कहता
तब भी चिढ़ जाती

कोयल कहता
तो कहती..उंह
काली काली कोयल
उफ़ चिड़िया
तब भी चुप

थक हारकर अपना कहता
यही कहना - कहाना
पसंद था उससे.

1 टिप्पणी:

  1. नासिर भाई को विनम्र श्रद्धांजलि के साथ उनकी यह कविता | नासिर भाई विगत २९ दिसंबर २०२५ को दुनिया से चले गए

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