
चांद कहाना
पसंद न था उसे
फूल कहता
तब भी चिढ़ जाती
कोयल कहता
तो कहती..उंह
काली काली कोयल
उफ़ चिड़िया
तब भी चुप
थक हारकर अपना कहता
यही कहना - कहाना
पसंद था उससे.
फूल कहता
तब भी चिढ़ जाती
कोयल कहता
तो कहती..उंह
काली काली कोयल
उफ़ चिड़िया
तब भी चुप
थक हारकर अपना कहता
यही कहना - कहाना
पसंद था उससे.
नासिर भाई को विनम्र श्रद्धांजलि के साथ उनकी यह कविता | नासिर भाई विगत २९ दिसंबर २०२५ को दुनिया से चले गए
जवाब देंहटाएं