बुधवार, अप्रैल 22, 2026

नासिर अहमद सिकंदर-विफल प्रेम की कविताएँ – -चार

चार


जब स्कूल में
बच्चों को तुम पढ़ाती होगी
शरद कोकास के कंप्यूटर पर नासिर अहमद सिकंदर 


पहला अक्षर अनार
तो याद आता होगा
तुम्हारे गालों को
मैंने कभी कहा था- अनार
गिनती सिखाते वक्त बच्चों को

जब छब्बीस में पहुंचती होगी तुम .
हो याद आता होगा |
तुम्हारी इसी उम्र में
मुलाकात हुई थी अपनी

बच्चों को तुम
प्रेम का समानार्थी शब्द
न बता पाती होगी अब

या जीत का विरुद्धार्थी शब्द
मुश्किल से बता पाती होगी

प्रस्तुति :शरद कोकास 

2 टिप्‍पणियां:

  1. नासिर भाई को विनम्र श्रद्धांजलि के साथ उनकी यह कविता | नासिर भाई विगत २९ दिसंबर २०२५ को दुनिया से चले गए

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  2. नासिर भाई को विनम्र श्रद्धांजलि के साथ उनकी यह कविता | नासिर भाई विगत २९ दिसंबर २०२५ को दुनिया से चले गए

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