पिछले साल मैने आश्विन शुक्ल प्रतिप्रदा से प्रारम्भ होने वाले नवरात्र में इस ब्लॉग में अपने देश की नौ कवयित्रियों की कवितायें प्रस्तुत की थी । इस प्रस्तुति को आप सभी ने सराहा और कविताओं का आनन्द लिया । अनेक मित्रों ने आग्रह किया कि इस परम्परा को जारी रखा जाये और हर नवरात्र पर इस कविता श्रंखला को प्रस्तुत किया जाये ।आप सभी के आग्रह और स्नेह को देखकर मैने इस चैत्र के नवरात्र में भी नौ कवयित्रियों की कवितायें इस ब्लॉग पर प्र्स्तुत करने का विचार किया है । लेकिन इस बार मैने विदेश की कुछ कवियत्रियों की कविताओं का चयन किया है । इन कविताओं को पढ़कर आपको विश्व में अन्य स्थानों पर नारी की स्थिति और और उसके संघर्ष और उसकी भागीदारी को निकट से देखने का अवसर मिलेगा ।
इस सन्दर्भ में आज ही कबाडखाना ब्लॉग के श्री अशोक पाण्डे और कर्मनाशा ब्लॉग के श्री सिद्धेश्वर से मेरी बात हुई है उन्होने भी आश्वासन दिया है कि वे विदेश की कुछ कवयित्रियों की बेहतरीन कवितायें उपलब्ध करवायेंगे । श्री पाण्डे एवं सिद्धेश्वर जी द्वारा किये गये अनुवादों से तो आप परिचित ही होंगे । इन कविताओं पर इस बार असुविधा ब्लॉग श्री अशोक कुमार पाण्डेय अपनी विशेष टिप्पणियाँ प्रस्तुत करेंगे । आप सभी से मेरी अपेक्षा है कि विश्व साहित्य की इन रचनाओं पर हम सम्वाद करें ।
इन कवयित्रियों में पोलैण्ड , रूस ,जर्मनी , हंगरी आदि देशों की कवयित्रियाँ शामिल हैं । उम्मीद करता हूँ इस नवरात्रि पर्व पर आप सभी को हमारा यह प्रयास पसन्द आयेगा ।आप सभी को नववर्ष की शुभकामनायें - शरद कोकास
कविता ही ज़िन्दगी हो जहाँ ऐसी एक दुनिया है यहाँ...शरद कोकास कोश में पढ़िए शरद कोकास और मित्रों की कविताएँ और लेख
सोमवार, मार्च 15, 2010
नवरात्रि पर्व पर विदेश की कुछ कवयित्रियों की कवितायें
शीर्षक
नवरात्रि,
विदेशी कवयित्रियाँ
‘पहल’ पत्रिका में प्रकाशित लंबी कविता “पुरातत्त्ववेत्ता” और “देह” के लिए चर्चित कवि शरद कोकास की और दो लंबी कविताएँ “पुरुरवा उर्वशी की समय यात्रा” तथा परमाणु बम के अविष्कारक “ओपेनहाइमर” पर लिखी लम्बी कविता ‘समालोचन’ वेब पत्रिका में प्रकाशित हैं । उनके छह कविता संकलन प्रकाशित हैं 1."गुनगुनी धूप में बैठकर " 2. 'हमसे तो बेहतर हैं रंग' 3. 'अनकही' 4 'सुख एकम दुःख' 5 'बिजूका' 6. चयनित कविताएं । उनकी गद्य पुस्तकों में "मन मशीन" "एक पुरातत्त्ववेत्ता की डायरी" "बैतूल से भंडारा" और "कोकास परिवार की चिठ्ठियाँ" अमेज़न पर बेस्ट सेलर हैं । कवि,लेखक,ब्लॉगर,पॉडकास्टर,हिप्नो व साइको थेरेपिस्ट शरद कोकास बतौर मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग भी करते हैं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अंधश्रद्धा निर्मूलन पर व्याख्यान देते हैं साथ ही फेसबुक,व्हाट्सएप,इन्स्टाग्राम,ट्विटर आदि पर भी सक्रिय हैं ।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
बहुत बढ़िया प्रस्तुति...नवरात्र पर्व की हार्दिक शुभकामनाये ...
जवाब देंहटाएंसुस्वागतम
जवाब देंहटाएंप्रतीक्षा रहेगी
jarur ham intzaar karenge...
जवाब देंहटाएंभारतीय नववर्ष, हिन्दू पर्व और विदेशी कवियत्रियों की रचनाएं। क्या आईडिया है:-)
जवाब देंहटाएंचलिए कोई बात नहीं हम तो वैसे भी "वसुदैव कुटुम्बकम" में विश्वास करने वाले हैं:-)
शरद जी, ऊपर की पंक्तियों को सीरियसली मत लीजिएगा...
बहुत बढिया प्रयास!! और आपको भी नववर्ष तथा नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाऎँ!!!
हम इंतज़ार में हैं ....
जवाब देंहटाएंअच्छा है..
जवाब देंहटाएंइन्तजार करेंगे हम भी....पलक पांवड़े बिछाए ....
जवाब देंहटाएंलड्डू बोलता है....इंजीनियर के दिल से....
laddoospeaks.blogspot.com
Are wah...........ham intzaar kar rahe hain .
जवाब देंहटाएंवाह ये तो बढिया है. हम इन्तज़ार कर रहे हैं.
जवाब देंहटाएं# भारतीय नववर्ष 2067 , युगाब्द 5112 व पावन नवरात्रि की शुभकामनाएं
जवाब देंहटाएं# रत्नेश त्रिपाठी
बहुत बढ़िया प्रस्तुति...नवरात्र पर्व की हार्दिक शुभकामनाये ...
जवाब देंहटाएंइन्तजार रहेगा.
जवाब देंहटाएंविदेश में रह रहे हिन्दी कवियों का कोई जुगाड़??
:)
नव संवत्सर 2067 व नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएं.
इन्तजार रहेगा....
जवाब देंहटाएंनव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें ....
शुभ हो ...!!
इंतज़ार है श्रद्धा के आयातित रंगों का...
जवाब देंहटाएंवैसे शरद भाई, शिकायत समीर जी की भी वाज़िब है...
जय हिंद...
अच्छा प्रयास है। नए साल की शुभकामना और नवरात्रि की बधाई
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छा। अब व्हाट्सएप्प और नेट पर समय का बेहतर उपयोग ही सकेगा। साधुवाद।
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छा। अब व्हाट्सएप्प और नेट पर समय का बेहतर उपयोग ही सकेगा। साधुवाद।
जवाब देंहटाएं