शको कोश

कविता ही ज़िन्दगी हो जहाँ ऐसी एक दुनिया है यहाँ...शरद कोकास कोश में पढ़िए शरद कोकास और मित्रों की कविताएँ और लेख

रविवार, मई 10, 2026

अनामिका की कविता ‘अनब्याही औरतें’

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अनामिका हिंदी की प्रतिष्ठित कवि हैं उनके संकलन हैं गलत पते की चिट्ठी (कविता), बीजाक्षर (कविता), अनुष्टुप (कविता), अब भी वसंत को तुम्हारी जर...
रविवार, मई 03, 2026

मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको

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अदम गोंडवी साहब की रचना  आइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप को मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको जिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब कर मर गई...
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गुरुवार, अप्रैल 30, 2026

अंजू शर्मा की कविता - चालीस साला औरतें

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                   मित्रों के साथ अंजू शर्मा  आज ब्लॉग पर प्रस्तुत है इस दौर की महत्वपूर्ण कवि कथाकार अंजू शर्मा की यह चर्चित कविता "चा...
बुधवार, अप्रैल 22, 2026

नासिर अहमद सिकंदर-विफल प्रेम की कविताएँ – -चार

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शरद कोकास के कंप्यूटर पर नासिर अहमद सिकंदर चार जब स्कूल में बच्चों को तुम पढ़ाती होगी पहला अक्षर अनार तो याद आता होगा तुम्हारे गालों को मैं...
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नासिर अहमद सिकंदर -विफल प्रेम की कविताएँ – -तीन

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तीन चांद कहाना  पसंद न था उसे फूल कहता तब भी चिढ़ जाती कोयल कहता तो कहती..उंह काली काली कोयल उफ़ चिड़िया तब भी चुप थक हारकर अपना कहता यही कह...
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नासिर अहमद सिकंदर -विफल प्रेम की कविताएँ- दो

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  दो समुद्र के पास जाऊंगा एक दिन  तुम्हारी आंखों के लिये भीख में मांगूगा उसके जल का नीलापन चांद के पास जाऊंगा एक दिन उससे कहूँगा उतर आये तुम...
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नासिर अहमद सिकंदर - विफल प्रेम की कविताएँ – -एक

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एक  मुझे उसके बाल बहुत पसंद थे उसके बाल इतने घने और लंबे थे कि उन्हें फैलाकर और तानकर बनाया जा सकता था एक आसमान उसके बालों से बनाई जा सकती थ...
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